होम
आवष्यक तथ्य
विशेष रुकावट
सत्संग
ओडियो रिकॉड़िंग
लिखित संस्करण
आदि पुस्तकें
श्री गुरु ग्रन्थ साहिब जी भाग 1
श्री गुरु ग्रन्थ साहिब जी भाग 2
श्री गुरु ग्रन्थ साहिब जी भाग 3
श्री गुरु ग्रन्थ साहिब जी भाग 4
जन्म साखी दस गुरु अथार्त सूरज प्रकाश
श्री गुर भगत माल सटीक
मनुस्मृति
महाराजा रणजीत सिंह
गीता चिन्तन
योग दर्शन
वेद
अथर्ववेद
यजुर्वेद
ऋग्वेद
सामवेद
डाउनलोडस
पोसटर्स
डिसप्ले
कार्डस
कैलंडर्स
मर्यादा बुक
मर्यादा बुक 2
ई बुकस
गुरबाणी रूपी साखियां
गुरबानी कीर्तन
बाहरी लिंक
Advanced Simplifications
Advanced Simplifications 2023-2024
अगरिम Simplifications 2024-2025
संख्या
दिनांक
अध्याय
140
02-12-99
ब्याह
141
19-12-99
समरथ गुरू
–
एकता
142
06-01-00
ऐ मन मेरिआ
143
16-01-00
आत्मा की सिख
-
समरथ गुरू
144
03-02-00
सुरत शब्द योग
145
20-02-00
गुरू की बख्शीश
-
समरथ गुरू
146
02-03-00
सुरत शब्द योग
– 2
147
19-03-00
समरथ गुरू
–
सरंक्षण
148
06-04-02
सुरत शब्द योग
– 3
149
16-04-00
समरथ गुरू
–
गुरसिख प्रीत
150
04-05-00
हउ
151
21-05-00
समरथ गुरू
–
सतिगुरू की सम्भाल
152
01-06-00
हउ
– 2
153
18-06-00
हरिजन प्रीत
–
समरथ गुरु
154
06-07-00
हउ
– 3
155
16-07-02
हरिजन प्रीत
– 2
समरथ गुरु
156
हउ
– 4
157
18-08-00
रहमत का भण्डारा
–
हउ
– 5
158
20-08-00
बिरथा
–
रहमत का भण्डारा
– 2
159
समरथ गुरू
– 18
160
समरथ गुरु
– 19
161
समरथ गुरु
– 20
162
चेतना
–
समरथ गुरु
– 21
163
बन
164
12-10-03
तलाश
165
16-11-03
घट
166
वासना
1
|
2
|
3
|
4
|
5
| 6
Powered by
PARMATMA
.
No help is coming dear ! – so, you better start NOW – Help Yourself ? ----- जो हम को परमेसर उचर हैं - ते सभ नरक कुंड मह परिहैं ! ----- कोई भी मदद आने वाली नंही हैं प्यारे - बेहतरी इसी में हैं कि अपनी स्वंय की मदद करना शुरू करो ? ----- जो न भजंते नाराइणा - तिन का मै न करउ दरसना ! ----- काहे रे बन खोजन जाई -सरब निवासी सदा अलेपा तोही संग समाई । पुहप मध जिउ बास बसत है मुकर माह जैसे छाई - तैसे ही हरि बसे निरंतर घट ही खोजह भाई । ----- No help is coming dear ! – so, you better start NOW – Help Yourself ? ----- कहा भयो जो दोऊ लोचन मूंद कै बैठ रहिओ बक ध्यान लगायो । नात फिरयो लिये सात समुद्रन लोक गयो परलोक गवायो । ----- साच कहों सूं लाहो सभाय - जिन प्रेम कीओ तिन ही प्रभ पाइओ । ----- कोई भी मदद आने वाली नंही हैं प्यारे - बेहतरी इसी में हैं कि अपनी स्वंय की मदद करना शुरू करो ? ----- अंत काल नाराइण सिमरै ऐसी चिंता मह जे मरै - बदत तिलोचन ते नर मुकता पीत्मबर वा के रिदै बसै । ----- No help is coming dear ! – so, you better start NOW – Help Yourself ? ----- प्राणी एको नाम धिआवहु - अपनी पत सेती घर जावहु । ----- कहत कबीर सुनहु रे प्रानी - छोडहु मन के भरमा । केवल नाम जपहु रे प्रानी - परहु एक की सरनां । ----- कोई भी मदद आने वाली नंही हैं प्यारे - बेहतरी इसी में हैं कि अपनी स्वंय की मदद करना शुरू करो ? ----- No help is coming dear ! – so, you better start NOW – Help Yourself ? ----- हउमै नावै नाल विरोध है - दुई न वसह इक ठाई । ----- ब्रहमा बिसन महादेउ त्रै गुण रोगी विच हउमै कार कमाई । जिन कीए तिसह न चेतह बपुड़े हरि गुरमुख सोझी पाई । ----- हउमै रोग सभ जगत बिआपिआ तिन कउ जनम मरण दुख भारी । गुरप्रसादी को बिरला छूटै तिस जन कउ बलिहारी । ----- कोई भी मदद आने वाली नंही हैं प्यारे - बेहतरी इसी में हैं कि अपनी स्वंय की मदद करना शुरू करो ? ----- हउमै दीरघ रोग है दारु भी इस माह । किरपा करे जे आपणी ता गुर का सबद कमाह । ----- कहा भूलिओ रे झूठे लोभ लाग - कछु बिगरिओ नाहिन अजहु जाग । ----- रैण गवाई सोइ कै दिवस गवाइआ खाइ । हीरे जैसा जनम है कउडी बदले जाइ । ----- रैन गई मत दिन भी जाइ - भवर गए बग बैठे आइ । ----- मै अंधुले की टेक तेरा नाम खुंदकारा । मै गरीब मै मसकीन तेरा नाम है अधारा । -----