होम
आवष्यक तथ्य
विशेष रुकावट
सत्संग
ओडियो रिकॉड़िंग
लिखित संस्करण
आदि पुस्तकें
श्री गुरु ग्रन्थ साहिब जी भाग 1
श्री गुरु ग्रन्थ साहिब जी भाग 2
श्री गुरु ग्रन्थ साहिब जी भाग 3
श्री गुरु ग्रन्थ साहिब जी भाग 4
जन्म साखी दस गुरु अथार्त सूरज प्रकाश
श्री गुर भगत माल सटीक
मनुस्मृति
महाराजा रणजीत सिंह
गीता चिन्तन
योग दर्शन
वेद
अथर्ववेद
यजुर्वेद
ऋग्वेद
सामवेद
डाउनलोडस
पोसटर्स
डिसप्ले
कार्डस
कैलंडर्स
मर्यादा बुक
मर्यादा बुक 2
ई बुकस
गुरबाणी रूपी साखियां
गुरबानी कीर्तन
बाहरी लिंक
Advanced Simplifications
Advanced Simplifications 2023-2024
अगरिम Simplifications 2024-2025
संख्या
दिनांक
अध्याय
069
08-08-98
ईमानदार
070
13-08-98
ब्रहामण
071
16-08-98
दरगाह दी चिट्ठी
072
20-08-98
जोतकी
073
27-08-98
चेतावनी
077
17-09-98
अंधला गुरू
078
20-09-98
घर
079
24-09-98
मिथ्या रस
081
03-10-98
गुण
082
08-10-98
माँगन
083
15-10-98
पंच
–
विकार
084
18-10-98
वखर
085
22-10-98
प्राप्ति
086
29-10-98
आशा
–
तृष्णा
087
05-11-98
सज्जण
088
12-11-98
माइआ
089
15-11-98
सर्वव्यापक
090
19-11-98
गुरू विमुखता
1
|
2
| 3 |
4
|
5
|
6
Powered by
PARMATMA
.
No help is coming dear ! – so, you better start NOW – Help Yourself ? ----- जो हम को परमेसर उचर हैं - ते सभ नरक कुंड मह परिहैं ! ----- कोई भी मदद आने वाली नंही हैं प्यारे - बेहतरी इसी में हैं कि अपनी स्वंय की मदद करना शुरू करो ? ----- जो न भजंते नाराइणा - तिन का मै न करउ दरसना ! ----- काहे रे बन खोजन जाई -सरब निवासी सदा अलेपा तोही संग समाई । पुहप मध जिउ बास बसत है मुकर माह जैसे छाई - तैसे ही हरि बसे निरंतर घट ही खोजह भाई । ----- No help is coming dear ! – so, you better start NOW – Help Yourself ? ----- कहा भयो जो दोऊ लोचन मूंद कै बैठ रहिओ बक ध्यान लगायो । नात फिरयो लिये सात समुद्रन लोक गयो परलोक गवायो । ----- साच कहों सूं लाहो सभाय - जिन प्रेम कीओ तिन ही प्रभ पाइओ । ----- कोई भी मदद आने वाली नंही हैं प्यारे - बेहतरी इसी में हैं कि अपनी स्वंय की मदद करना शुरू करो ? ----- अंत काल नाराइण सिमरै ऐसी चिंता मह जे मरै - बदत तिलोचन ते नर मुकता पीत्मबर वा के रिदै बसै । ----- No help is coming dear ! – so, you better start NOW – Help Yourself ? ----- प्राणी एको नाम धिआवहु - अपनी पत सेती घर जावहु । ----- कहत कबीर सुनहु रे प्रानी - छोडहु मन के भरमा । केवल नाम जपहु रे प्रानी - परहु एक की सरनां । ----- कोई भी मदद आने वाली नंही हैं प्यारे - बेहतरी इसी में हैं कि अपनी स्वंय की मदद करना शुरू करो ? ----- No help is coming dear ! – so, you better start NOW – Help Yourself ? ----- हउमै नावै नाल विरोध है - दुई न वसह इक ठाई । ----- ब्रहमा बिसन महादेउ त्रै गुण रोगी विच हउमै कार कमाई । जिन कीए तिसह न चेतह बपुड़े हरि गुरमुख सोझी पाई । ----- हउमै रोग सभ जगत बिआपिआ तिन कउ जनम मरण दुख भारी । गुरप्रसादी को बिरला छूटै तिस जन कउ बलिहारी । ----- कोई भी मदद आने वाली नंही हैं प्यारे - बेहतरी इसी में हैं कि अपनी स्वंय की मदद करना शुरू करो ? ----- हउमै दीरघ रोग है दारु भी इस माह । किरपा करे जे आपणी ता गुर का सबद कमाह । ----- कहा भूलिओ रे झूठे लोभ लाग - कछु बिगरिओ नाहिन अजहु जाग । ----- रैण गवाई सोइ कै दिवस गवाइआ खाइ । हीरे जैसा जनम है कउडी बदले जाइ । ----- रैन गई मत दिन भी जाइ - भवर गए बग बैठे आइ । ----- मै अंधुले की टेक तेरा नाम खुंदकारा । मै गरीब मै मसकीन तेरा नाम है अधारा । -----